Bangladesh News: बांग्लादेश और भारत के बीच संबंधों में हालिया तनाव के बीच चीन ने ढाका के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए कदम बढ़ाए हैं. पिछले वर्ष अगस्त में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से बांग्लादेश और भारत के बीच रिश्तों में खटास आई है और चीन इस अवसर का लाभ उठाते हुए बांग्लादेश के साथ अपने संबंधों को प्रगाढ़ करने का प्रयास कर रहा है.
हाल ही में, बांग्लादेश का 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल, जिसमें राजनेता, पत्रकार, नागरिक समाज के कार्यकर्ता और शिक्षाविद शामिल हैं, चीन की 10 दिवसीय यात्रा पर गया है. इस यात्रा का उद्देश्य चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं और सरकारी अधिकारियों के साथ संवाद स्थापित करना है.
अब्दुल मोईन खान ने कही ये बात
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के वरिष्ठ पदाधिकारी अब्दुल मोईन खान ने बीबीसी से जहा, “यह एक सद्भावना यात्रा है, जिसकी पहल बीजिंग द्वारा की गई है. यह अनोखा है क्योंकि इस बार चीन ने बांग्लादेश के विभिन्न समूहों का प्रतिनिधित्व करने वाली टीम को आमंत्रित किया है. खान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल चीनी सरकारी अधिकारियों और सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों के साथ बैठक करेगा.
अच्छे नहीं है भारत-बांग्लादेश के रिश्ते
प्रतिनिधिमंडल का दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक संबंध लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना अगस्त में पदच्युत होने के बाद से भारत में निर्वासन में रह रही हैं और दिल्ली ने उनके प्रत्यर्पण के लिए ढाका के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है.
तौहीद हुसैन-चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच भी हुई थी बैठक
इस सप्ताह की यात्रा अंतरिम सरकार के विदेश नीति सलाहकार तौहीद हुसैन और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच जनवरी में हुई बैठक के बाद हुई है. चीन लगातार बांग्लादेश में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश में लगा हुआ है.
विश्लेषकों मानना है कि चीन का यह कदम इस क्षेत्र में अपने प्रभाव का विस्तार करने की उसकी इच्छा से प्रेरित है. लगभग 170 मिलियन लोगों की आबादी वाला बांग्लादेश चीन के लिए एक महत्वपूर्ण साथी हो सकता है. दोनों देशों के बीच काफी मजबूत व्यापारिक संबंध हैं, जिसमें द्विपक्षीय व्यापार लगभग 24 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाता है, जिसमें मुख्य रूप से चीनी निर्यात शामिल है.