परवेश वर्मा से हारे हैं अरविंद केजरीवाल
केजरीवाल नई दिल्ली विधानसभा सीट भाजपा के पूर्व दो बार के सांसद, परवेश वर्मा से लगभग 1,200 वोटों के कम अंतर से हार गए। कांग्रेस उम्मीदवार संदीप दीक्षित तीसरे स्थान पर रहे। केजरीवाल 2013 से नई दिल्ली सीट पर काबिज़ थे। अब ये सीट उनके हाथ से निकल गई है। AAP के लिए ये एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
कांग्रेस का दावा होगा सच?
पंजाब कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने मंगलवार को आरोप लगाया कि केजरीवाल पंजाब के रास्ते राज्यसभा में जाना चाहते हैं। बाजवा ने दावा किया, केजरीवाल पंजाब के माध्यम से सत्ता में प्रवेश करना चाहते हैं, और कुछ राज्यसभा सदस्यों को उनके लिए त्याग करना होगा। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली में हार के बाद AAP में फूट पड़ रही है। कई प्रमुख नेता अपनी सीट हार गए हैं। बाजवा ने यह भी दावा किया कि वह कई AAP विधायकों के संपर्क में हैं जो पार्टी बदलने पर विचार कर रहे हैं।
कांग्रेस विधायक ने दावा किया कि केजरीवाल आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा की जगह पर राज्यसभा जा सकते हैं। प्रताप सिंह बाजवा ने पहले ही कह दिया था कि संजीव अरोड़ा को लुधियाना वेस्ट विधानसभा सीट से विधायक रहे गुरप्रीत गोगी के निधन के चलते यहां होने वाले उपचुनाव में प्रदेश की राजनीति में उतारा जा सकता है। अब यह सही साबित हुआ है।
आम आदमी पार्टी ने क्या कहा?
हालांकि, इस तरह की खबरों को पंजाब आम आदमी पार्टी के प्रवक्ताओं और मंत्रियों के ने खारिज कर दिया गया है। ‘आप’ पंजाब की ओर से कहा जा रहा है कि यह सिर्फ अफवाह है, इससे ज्यादा कुछ नहीं है। आम आदमी पार्टी में इसे लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। विपक्ष के नेता विधानसभा में जनता से जुड़े मुद्दे नहीं उठा सकते। इसलिए वह इस तरह की अफवाह फैला रहे हैं।
इसलिए नहीं लड़े लुधियाना वेस्ट उपचुनाव?
दावा किया जा रहा है कि पहले अरविंद केजरीवाल गुरप्रीत गोगी की सीट से ही विधानसभा उप चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन उनकी पार्टी में ही इसका विरोध हुआ। पंजाब से फीडबैक मिला कि लुधियाना वेस्ट में दिल्ली से आए शख्स की जीत नहीं होगी। सीट पर कोई लोकल नेता ही चुनाव जीत सकता है। वहीं अरविंद केजरीवाल को दिल्ली से पार्टी संभालना मुश्किल हो जाएगा।
राज्यसभा केजरीवाल के लिए क्यों बेहतर?
अरविंद केजरीवाल का राज्यसभा के जरिए संसद में जाने के पीछे कई रणनीतिक और राजनीतिक कारण हैं। कहा जा रहा है कि अगर अरविंद केजरीवाल राज्यसभा सांसद बनते हैं तो वह सक्रीय राजनीति में एक्टिव रहेंगे। वहीं वह दिल्ली से ही पार्टी की सारी जिम्मेदारियां संभाल सकते हैं। उनका फोकस राष्ट्रीय राजनीति में बना रह सकता है।
अरविंद केजरीवाल की चुप्पी
तमाम सियासी अटकलों के बीच अरविंद केजरीवाल की चुप्पी है। पंजाब में मुख्यमंत्री बनने की चर्चा उठी तो पंजाब सीएम भगवंत मान का बयान आया लेकिन केजरीवाल ने कुछ नहीं कहा। उसके बाद से लगातार पार्टी की ओर से अटकलों का खंडन किया जा रहा है लेकिन अरविंद केजरीवाल अपने सियासी प्लान को लेकर चुप्पी साधे हैं। कुछ लोगों का दावा है कि केजरीवाल को चाहते हैं उसका उनकी ही पार्टी में अंदरूनी विरोध हो रहा है।