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बिम्सटेक समिट में पीएम मोदी और बांग्लादेश के मुहम्मद यूनुस की संभावित मुलाकात से दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की उम्मीद है. बांग्लादेश की पाकिस्तान और चीन से नजदीकी भारत को चिंतित कर रही है.

बिम्‍सटेक में क्या PM मोदी और यूनुस मिलेंगे, जयशंकर की कूटनीत‍ि बदल देगी गेम?

पीएम मोदी और बांग्‍लादेश के मुख्‍य सलाहकार मुहम्‍मद यूनुस की यह तस्‍वीर 2017 की है, जब इंडियन साइंस कांग्रेस में शामिल होने के ल‍िए यूनुस भारत आए थे. (File Photo)

हाइलाइट्स

  • बिम्सटेक समिट में पीएम मोदी और यूनुस की संभावित मुलाकात
  • बांग्लादेश की पाकिस्तान और चीन से नजदीकी भारत को चिंतित कर रही
  • बिम्सटेक शिखर सम्मेलन 2 से 4 अप्रैल 2025 को बैंकॉक में होगा

बांग्लादेश से भारत के रिश्तों में रोज नई अड़चन आ रही हैं. बांग्लादेश अपने दुश्मन पाकिस्तान से जाकर मिल रहा है तो चीन के साथ गलबहियां भी कर रहा है. यह भारत को कतई रास नहीं आ सकता. इसीलिए दो दिन पहले ही विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बांग्लादेश को दो टूक शब्दों में कहा कि उन्हें तय करना है कि भारत के साथ रिश्ता कैसे रखना है. अब खबर आ रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिम्सटेक समिट के दौरान बांग्‍लादेश की अंतर‍िम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस से मुलाकात कर सकते हैं. इससे उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों देशों के बीच रिश्तों पर जमी बर्फ पिघलेगी. हालांकि, इन द‍िनों बांग्‍लादेश जो कुछ भी कर रहा है, उससे इस बैठक की उम्‍मीद कम ही नजर आती है.

बिम्सटेक शिखर सम्मेलन 2 से 4 अप्रैल 2025 को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में होने जा रहा है. इसमें पीएम मोदी और मुहम्मद यूनुस दोनों के शामिल होने की संभावना है. बांग्‍लादेश के नेता पूरी कोश‍िश कर रहे हैं क‍ि एक बार पीएम मोदी से यूनुस की मुलाकात हो जाए. ऐसी ही कोश‍िश रूस के कजान शहर में हुई ब्रिक्‍स समिट के दौरान भी हुई थी, लेकिन यूनुस के पहुंचने से पहले ही पीएम मोदी वहां से निकल गए थे. बाद में ओमान के मस्‍कट में 8वें हिंद महासागर सम्मेलन के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर की बांग्‍लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन से मुलाकात हुई थी. तब कहा जा रहा था क‍ि दोनों नेताओं ने बिम्‍सटेक में पीएम मोदी और यूनुस के बीच मुलाकात के बारे में चर्चा की है. हालांकि, इसके बारे में ज्‍यादा डिटेल्‍स नहीं आई.

बांग्‍लादेश को क्‍यों चाह‍िए पीएम मोदी का साथ?
सबसे खास बात, थाईलैंड के बाद अगला बिम्‍सटेक सम्‍मेलन बांग्‍लादेश में होने वाला है. इसल‍िए बांग्‍लादेश की सरकार चाहती है क‍ि पीएम मोदी का उसे समर्थन मिले, तभी उसकी योजना सफल हो पाएगी. लेकिन जिस तरह बांग्‍लादेश पाक‍िस्‍तान और चीन के साथ दोस्‍ती बढ़ा रहा है, और जयशंकर ज‍िस तरह बांग्‍लादेश को नसीहत दे रहे हैं, उससे रिश्तों पर जमी बर्फ आसानी से पिघल जाए, ऐसा नहीं लगता.

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