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Jharkhand News: झारखंड में निजी क्षेत्र में 75% आरक्षण का मुद्दा फिर उठा. जेएलकेएम विधायक जय राम महतो ने सरकार के आंकड़ों पर सवाल उठाए. हाई कोर्ट ने इस कानून पर रोक लगाई थी. मंत्री संजय यादव ने जवाब दिया.

21% को कह रहे 75%, झारखंड विधानसभा में उठा निजी क्षेत्र में आरक्षण का मुद्दा

विधानसभा के बजट सत्र का 18वां दिन, JLKM विधायक जयराम महतो ने निजी क्षेत्रों में 75 फीसदी आरक्षण का उठाया मुद्दा

हाइलाइट्स

  • झारखंड में निजी क्षेत्र में 75% आरक्षण का मुद्दा उठा.
  • झारखंड हाई कोर्ट ने इस कानून पर रोक लगायी थी.
  • सरकार के आंकड़ों पर जय राम महतो ने सवाल उठाए.

रांची. झारखंड प्रदेश में निजी क्षेत्र में आरक्षण का मुद्दा लगातार उठाता रहा है और इसको लेकर राजनीति भी होती रही है. लेकिन, बीते वर्ष झारखंड हाई कोर्ट ने प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों में स्थानीय युवाओं को 75% आरक्षण देने वाले कानून लागू करने पर रोक लगा दी थी.अब एक बार फिर यह मुद्दा झारखंड विधानसभा में उठा है और जेएलकेएम विधायक जय राम महतो ने स्थानीय को 75 प्रतिशत आरक्षण देने का मुद्दा उठाया और सरकार के आंकड़ों यानी डेटा पर सवाल उठाया.

प्रश्नकाल में जयराम महतो ने मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार में “झारखंड राज्य स्थानीय उम्मीदवार नियोजन अधिनियम 2021” को पास किया था. निजी कंपनियों में 75% नियोजन देने की बात कही थी, लेकिन स्थापित कंपनियों द्वारा इसका पालन नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि दिसंबर 2024 में हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है, यह मानता हूं. लेकिन मैं सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं हूं क्योंकि सरकार 2021 से 2024 तक का आंकड़ा दे रही है और सरकार खुद मान रही है कि पेरोल में 2, 46, 000 वर्कर नामित हैं. मगर इसमें केवल 53000 ही झारखंडी हैं. अगर इसको प्रतिशत में तब्दील करते हैं तो 21% होता है, ऐसे में सरकार किस प्रकार 75% आरक्षण की बात करती है.

इस पर मंत्री संजय प्रसाद यादव ने जवाब देते हुए कहा, झारखंड हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगाई है और अगले आदेश के बाद ही कोई फैसला हो सकता है.इस पर बीजेपी विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि आखिर सरकार कौन सी योजना ला रही है जिसमें स्थानीयों को मौका मिले.इस पर मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा, बाहरी कर्मियों को रिप्लेस कर स्थानीय युवाओं को मौका मिले इसलिए 40 हजार तक की सैलरी वाले बाहरी कर्मियों को रिप्लेस किया जाए. इस पर फिर जयराम महतो ने कहा, दो-दो मंत्री मुझे और सदन को संतुष्ट नहीं कर पा रहे. अब हम सवाल नहीं करेंगे, राज्य की जनता सब सुन रही है.

बता दें कि राज्य सरकार ने 2021 में कैबिनेट में फैसला लिया था कि निजी कंपनियां अपने यहां 40 हजार प्रतिमाह तक की नौकरियों में स्थानीय युवाओं को 75 फीसदी आरक्षण देगी. इसके लिए झारखंड विधानसभा में सितंबर 2021 में निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवारों के लिए झारखंड राज्य रोजगार अधिनियम 2021 पारित किया था. इस कानून के अनुसार, प्रत्येक नियोक्ता कुल मौजूदा रिक्तियों में से 75 प्रतिशत स्थानीय उम्मीदवारों से भरेगा, जहां सकल मासिक वेतन या मजदूरी 40,000 रुपये से अधिक नहीं है. लेकिन, लघु उद्योग संघ ने निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवारों के झारखंड राज्य रोजगार अधिनियम 2021 के प्रावधानों को चुनौती दी थी. इसपर बीते दिसंबर में झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों में स्थानीय युवाओं को 75 प्रतिशत आरक्षण देने वाले कानून को लागू करने पर रोक लगा दी थी.

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21% को कह रहे 75%, झारखंड विधानसभा में उठा निजी क्षेत्र में आरक्षण का मुद्दा

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