सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश की 2 महिला जजों को बहाल कर दिया है. इन दोनों को हाई कोर्ट ने पर्याप्त काम न करने के आधार पर सेवा से बर्खास्त किया था. सुप्रीम कोर्ट ने इसे बहुत ज्यादा दंड बताते हुए कहा कि महिला न्यायिक अधिकारियों के लिए संवेदनशीलता दिखाई जानी चाहिए थी.
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी.वी. नागरत्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने न्यायपालिका में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की जरूरत बताई. जजों ने कहा कि बर्खास्त की गई महिला जजों में से एक की अचानक शादी हुई, फिर वह गर्भवती हुई और उनका गर्भपात भी हो गया. उस महिला जज को कोविड हुआ और उनके भाई को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी भी हो गई. इतनी सारी व्यक्तिगत समस्याओं से जूझ रही महिला के प्रति सहानुभूति दिखाए जाने की जरूरत थी.
उनकी बर्खास्तगी की आलोचना करते हुए कहा, ‘हम उनके साथ सहानुभूति रखते हैं. उन्होंने पैसे, वित्तीय संसाधन खो दिए हैं. (मुकदमेबाजी) ने उन्हें चिंता में डाल दिया है. वे महीने के कुछ दिनों में दर्द से राहत पाने के लिए दवाएं लेते हैं ताकि वे सुबह से शाम तक अदालत में रह सकें. आपको संवेदनशीलता दिखानी चाहिए.’
ध्यान रहे कि 2023 में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने छह महिला सिविल जजों- ज्योति वरकड़े, सोनाक्षी जोशी, प्रिया शर्मा, रचना अतुलकर जोशी, सरिता चौधरी और अदिति शर्मा की सेवा समाप्त कर दी थी. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई शुरू की थी. इसके बाद 4 महिला जजों को हाई कोर्ट ने शर्तों के साथ सेवा में वापस ले लिया था, लेकिन सरिता चौधरी और अदिति शर्मा की बर्खास्तगी बनाए रखी थी. अब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें भी 15 दिन के भीतर बहाल करने का आदेश दिया है.
बर्खास्त की गई 2 महिला जजों की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में दलील दी गई थी कि जज बनने के तुरंत बाद की प्रोबेशन अवधि में तय मानक के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के आधार पर उन्हें बर्खास्त किया गया, लेकिन ऐसा ही प्रदर्शन कई पुरूष जजों का भी रहा था. उनके प्रति हाई कोर्ट ने रियायत भरा रवैया दिखाया.
इस मामले को सुनते हुए पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि अगर पुरुषों को भी माहवारी होती, तो वह महिलाओं को उस दौरान होने वाली दिक्कत को समझ पाते. अब अपने फैसले में भी सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के प्रति संवेदनशील रवैए की जरूरत बताई है. कोर्ट ने कहा है कि जिस महिला का गर्भपात हो गया हो, उसकी मानसिक अवस्था को समझ कर सहानुभूति भरा रवैया दिखाया जाना चाहिए.