इसमें कोई दो राय नहीं कि अमेरिका अगर दावा करता है तो उसने सिस्टम भी बना रखे हैं। उसी सिस्टम ने डेनियल ऑडरर की हैवानियत को दुनिया के सामने उजागर किया है। पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने वाली एक एजेंसी को यह वीडियो हाथ लगा तो उसने इसे पब्लिक कर दिया। फिर सैन फ्रैंसिस्को स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने मामले को गंभीरता से लिया। उसने राजधानी वॉशिंगटन डीसी के सीनियर अफसरों को बताया कि उनके पुलिस सिस्टम में डेनियम ऑडरर जैसा संवेदनहीन अफसर भी है जिसका जो रंग और नस्ल के आधार पर अमानवीय भेदभाव करता है। अमेरिका का सिस्टम इस क्रूर अफसर के खिलाफ जांच कर रहा है।
ध्यान रहे कि 23 वर्षीय जाहनवी कंदुला की मृत्यु इस वर्ष जनवरी महीने में ही हो गई थी। हालांकि, उसकी मौत का मजाक बना रहे पुलिस अफसर डेनिय का वीडियो अब सामने आया जिसके बाद अमेरिकी मीडिया में धड़ाधड़ खबरें आने लगीं। जाहनवी को पुलिस की गाड़ी ने ही टक्कर मारी थी जिसे केविन डेव नाम का पुलिस अफसर चला रहा था। उसे ओवरडोज के एक मामले की कॉल आई थी जिसकी तफ्तीश के लिए जा रहा था। जाहनवी नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी के सिएटल कैंपस में मास्टर डिग्री की छात्रा थीं।
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हैवानियत के रंग होते हैं। वो रंग देखता भी है। नस्ल भी। और नागरिकता भी। अमेरिक के सिएटल में हैवानियत ने रंग देखकर ही एक लड़की की मौत पर अट्टाहास किया। सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाली उस मासूम का रंग हैवान के कलर से अलग था। हैवान झक सफेद है, दुनिया को अलविदा कह चुकी लड़की की चमड़ी थोड़ी मद्धम थी- डार्क सी। वो हममें से थी ना- भारतीय। पढ़ने गई थी अमेरिका। उसे नियती का क्या पता? एक दिन सिएटल में पैदल सड़क पार कर रही थी। पुलिस वाली की गाड़ी आई। 120 किमी की स्पीड से। और उसे रौंदती चली गई। बेहतर जिंदगी की तलाश में गई अमेरिका गई थी हमारी जाहनवी कंदुला। 23 वर्ष की उम्र में ही उसकी जिंदगी चली गई। एक होनहार के खोने का दुख तो है ही। उससे भी बड़ा दुख दिया है सिएटल पुलिस के एक सीनियर अफसर ने। डेनियल ऑडरर (Daniel Auderer) नाम का वह पुलिस वाला ‘रंग वाली हैवानियत’ के गहरे आगोश में है। श्रेष्ठता भाव की घृणित सोच से इस दर्दनाक घटना पर फूटी उसकी हंसी कलेजा छलनी कर रही है।