नई दिल्ली में भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के शीर्ष नेतृत्व के बीच शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हो रही है, जिसमें दोनों पक्ष बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं. 27 देशों के इस शक्तिशाली संघ के लिए भारत एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बनकर उभरा है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक व्यापार और कूटनीति में अस्थिरता देखी जा रही है.
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन दो दिवसीय भारत दौरे पर गुरुवार को दिल्ली पहुंचीं. उनके साथ ईयू के वरिष्ठ राजनीतिक नेता भी इस यात्रा में शामिल हैं. दिल्ली हवाई अड्डे पर केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने उनका स्वागत किया. भारत आने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर हमारी रणनीतिक साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने पर चर्चा करूंगी.’
ट्रंप ने ईयू को चेतावनी दी थी
लेयेन की यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार को लेकर तनाव बढ़ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में यूरोपीय संघ पर निशाना साधते हुए कहा था कि यूरोपीय संघ की स्थापना अमेरिका को परेशान करने के लिए की गई थी. ट्रंप ने ईयू से होने वाले आयात पर 25% शुल्क लगाने की चेतावनी दी, जिसका यूरोपीय संघ ने कड़ा विरोध किया है. ऐसे में भारत और ईयू के बीच व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है.
पीएम मोदी और लेयेन की बीच मुलाकात
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लेयेन के बीच विस्तार से चर्चा की जाएगी. इसमें एफटीए को जल्द से जल्द लागू करने के साथ-साथ रक्षा, तकनीक और जलवायु परिवर्तन जैसे अहम विषयों पर सहयोग बढ़ाने के उपायों पर विचार किया जाएगा. इसके अलावा, रूस-यूक्रेन युद्ध, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर भी चर्चा होने की संभावना है. बैठक के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया जाएगा, जिसमें इन मुद्दों पर हुई सहमति को स्पष्ट किया जाएगा.
जयशंकर ने अध्यक्ष से की मुलाकत
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष से मुलाकात कर भारत-ईयू संबंधों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि हमारी बातचीत बेहद सकारात्मक रही और यूरोप के साथ भारत के रिश्तों को नई ऊर्जा देने के उनके विचारों की मैं सराहना करता हूं. जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों को जल्द से जल्द एक परस्पर लाभदायक व्यापार समझौता करना चाहिए, ताकि दोनों पक्षों को आर्थिक रूप से मजबूती मिले.
इन समझौतों पर चल रही बात
भारत और यूरोपीय संघ के बीच सूचना सुरक्षा समझौते (Information Security Agreement) को लेकर भी बातचीत चल रही है, जिससे रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और गहरा किया जा सकेगा. इस समझौते से दोनों पक्षों को संवेदनशील रक्षा तकनीक साझा करने और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का अवसर मिलेगा. अपनी यात्रा के दौरान लेयेन ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राजघाट का दौरा भी किया, जो भारत और यूरोप के साझा मूल्यों को दर्शाने वाला एक प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है.